अंधेरी रात, दुर्गम चढ़ाई, सिर के ऊपर से गुजरती गोलियां और रॉकेट लेकिन न आंखों में डर, न मन में कोई चिंता। बस एक ही बात जो दिमाग में उस वक्त तैर रही थी, वो ए थी कि किसी भी तरह चोटी पर चढ़ना है और वहां...from Live Hindustan Rss feed https://ift.tt/3f3eOIJ
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