सोमवार, 26 अक्टूबर 2020

बदली परंपरा : रावण का पुतला जलाया नहीं, गंगा में किया गया विसर्जित कोरोना संकट के चलते तीर्थनगरी ऋषिकेश में बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक दशहरा पर्व सादगी से मनाया गया। त्रिवेणीघाट पर दशकों बाद रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतले फूंकने की बजाय गंगा में विसर्जित कर...

कोरोना संकट के चलते तीर्थनगरी ऋषिकेश में बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक दशहरा पर्व सादगी से मनाया गया। त्रिवेणीघाट पर दशकों बाद रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतले फूंकने की बजाय गंगा में विसर्जित कर...

from Live Hindustan Rss feed https://ift.tt/2TmBpHV
via IFTTT

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

मेरे दारा उपलब्ध कराए गए किसी कंटेंट से दिक्कत है तो मुझे बता सकते है

सामान्य ज्ञान